Ambikapur News: अम्बिकापुर। खरीफ धान की बुवाई के साथ रोपा लगाने की तैयारी में किसान जुट गए है। इस बार सही समय पर मानसून पहुंचा और किसानों को इसका अच्छा लाभ मिला।किसानों ने धान की नर्सरी भी जल्दी लगाई है और इधर तीन चार दिन से मौसम खुला है किंतु बीच मे एक दिन हुई मूसलाधार बारिश से खेतों में पानी भर गया। इस बार किसान काफी खुश हैं और सही समय पर रोपाई कर रहे हैं।
इस वर्ष धान का क्षेत्राच्छादन लक्ष्य एक लाख 12 हजार हेक्टेयर रखा गया है। सरगुजा जिले में मानसून सक्रिय होने के बाद 51हजार हेक्टयर में बोता व 61 हजार हेक्टेयर में रोपाई पद्धति से धान की खेतीं होगी। इसके साथ ही 13 हजार 900 हेक्टेयर मक्का, 2 हजार 550 हेक्टेयर ज्वार, कोदो, कुटकी व अन्य के लिए लक्ष्य निर्धारित है। इस वर्ष धान के क्षेत्राच्छादन में 2980 हेक्टयर की कमी की गई है, जबकि मक्का, ज्वार, कोदो कुटकी का रकबा में 1 हजार 910 हेक्टेयर की वृद्धि की गई है।
किसानों को सहकारी समितियों से खाद बीज सुगमता से मिले इसके लिए जिला प्रशासन के निर्देशानुसार पर्याप्त मात्रा में खाद बीज का भंडारण किया गया है।किसान जरूरत के अनुसार समितियों से खाद बीज का उठाव कर रहे हैं।अम्बिकापुर जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत सांड़बार के आश्रित ग्राम हर्राटिकरा निवासी किसान कसेई राम पिता बहादुर राम खरीफ धान हेतु रोपा लगाने में लिए खेत की तैयारी में जुट गए हैं।
हाइब्रिड धान की बुवाई सर्वाधिक
सरगुजा संभाग में पिछले कुछ सालों से लगभग ढाई सौ कंपनियों का हाइब्रिड बीजों का यहां कारोबार होता है। पूरे जिले में किसान हाइब्रिड बीज खरीदते हैं क्योंकि हाइब्रिड ने किसानों को मालामाल कर दिया है। पारंपरिक बीजों से प्रति एकड़ 6 से 7 क्विंटल ही पैदावार कर पाते थे किंतु हाइब्रिड धान बीज लगाने के बाद किसानों ने लगभग 20 क्विंटल धान की उपज लेनी शुरू की है,ऐसे में किसानों के लिए हाइब्रिड बीज की पहली पसंद बनी हुई है।प्रशासन व कृषि विभाग पारंपरिक सुगंधित धान बीजों को बचाए रखने एवं सुरक्षित करने के लिए प्रयासरत है।









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