पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दिल दहला देने वाली यह घटना बुधवार आठ जुलाई की दोपहर को हुई। घर के पास खेत मे मासूम भाई- बहन खेल रहे थे। उसी दौरान अपने घर शंकरगढ़ जा रहा आरोपी वहां से गुजरा। आरोपित दोनों को पूजा के लिए फूल-पत्तियां तोडने के बहाने बहला फुसलाकर घर से दूर ले गया और दोनों के साथ गलत करने की नीयत से कपड़े उतरवा दिए।
विरोध करने पर सात साल के मासूम बालक को गला रेतकर मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद छह साल की मासूम लड़की के साथ गलत करने का प्रयास करने लगा। इसी दौरान उधर से तीन युवक गुजरे, जिन्हें देखकर आरोपी सहम गया और बच्ची को उस जगह से एक किलोमीटर दूर बकरामुड़ी ले गया।
वहां उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान बचाव के लिए चीख रही बच्ची पर उसने ताबडतोड हमले किए और जब वह बेहोश हो गई तो उसे मृत समझ कर एक कुंए में उसे फेंककर वह वहां से भाग गया। बच्ची तैरना जानती थी, इस वजह से वह डूबने से बच गई। कुछ देर बाद वहां से गुजर रहे ग्रामीणों ने बच्ची के रोने की आवाज सुनी और उसे कुंए से निकाला। बच्ची ने घर पहुंचने के बाद परिजनों को पूरी घटना बताई।
इसके बाद गांव में ही आरोपित की तलाश शुरू हुई और गांव वालों ने उसे पकड़ लिया। घटना की जानकारी मनेन्द्रगढ़ पुलिस को दी गई जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया है। कड़ी पूछताछ के बाद आरोपी ने मासूम बच्चे की हत्या कर उसे छुपाने की जगह बताई।
उसकी निशानदेही पर बच्चे की लाश बरामद की गई है। घटना का शिकार हुई बच्ची की हालत अभी खतरे से बाहर बताई जा रही है। मनेन्द्रगढ़ पुलिस ने इस मामले में दुष्कर्म और हत्या के अलावा अलग अलग धाराओ में अपराध दर्ज किया है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पकड़ा गया आरोपी भी नाबालिक है। घटना के बाद से पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।









0 Comments