एक अधिकारी ने बताया कि सरक्षा बलों को इस ऑपरेशन में दो जगहों से छह आईईडी मिले हैं। अधिकारी ने कहा, मरजुम गांव के पास जंगल में नक्सल शिविर की सूचना मिलने पर डीआरजी के एक दल ने रविवार की रात अभियान की शुरुआत की थी। सोमवार सुबह जब दल वहां पहुंचा तो पाया कि नक्सली तो वहां से जा चुके थे लेकिन वह वहां पांच-पांच किलो के तीन आईईडी छोड़ गए थे।
अधिकारी ने आगे बताया, इसके बाद वापसी में कलेपल में उन्हें तीन और आईईडी मिले, जिनका वजन दो-दो किलो था। इस बीच दो अधिकारी एक प्रेशर आईईडी के संपर्क में आ गए, जिससे उसमें धमारा हो गया। हादसे में दोनों को मामूली चोट आई हैं। अधिकारी ने बताया कि बाकी बची सभी आईईडी को बॉम्ब डिटेक्शन और डिस्पोजल स्क्वॉयड (बम निरोधक दस्ता) ने निष्क्रिय कर दिया है।
अधिकारी ने आगे बताया, इसके बाद वापसी में कलेपल में उन्हें तीन और आईईडी मिले, जिनका वजन दो-दो किलो था। इस बीच दो अधिकारी एक प्रेशर आईईडी के संपर्क में आ गए, जिससे उसमें धमारा हो गया। हादसे में दोनों को मामूली चोट आई हैं। अधिकारी ने बताया कि बाकी बची सभी आईईडी को बॉम्ब डिटेक्शन और डिस्पोजल स्क्वॉयड (बम निरोधक दस्ता) ने निष्क्रिय कर दिया है।









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