प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रात तकरीबन 9 बजे शैलेन्द्र सिंह के घर ठीक बगल में स्थित धर्मेंद्र शर्मा के घर मृतिका सुमित्रा सिंह बचाओ-बचाओ की आवाज देकर दरवाजा पीटने लगी। आवाज सुन कर बाहर निकले धर्मेंद्र शर्मा सुमित्रा को खून से लथपथ देख कर घबरा गए।
बेहोश होने से पहले सुमित्रा लुटेरों के हमले में पति शैलेन्द्र के घायल होने की बात ही बता पाई। धर्मेंद्र ने इस हादसे की सूचना इसी गांव में रहने वाले शैलेन्द्र के भाई सन्तोष को दी। सबने मिल कर शैलेन्द्र के घर में देखा तो वह खून में डूबा हुआ फर्श पर पड़ा हुआ था।
घटना की सूचना मिलते ही आस्ता पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। घायल शैलेन्द्र और उसकी पत्नी को इलाज के लिए आस्ता के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। यहां उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए,प्राथमिक उपचार के बाद जिला चिकित्सालय के लिए रेफर कर दिया गया। लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
फिलहाल पुलिस की टीम मौके पर लोगों से पूछताछ और मौके की मुआयना में जुटी हुई है। लुटेरों को पकड़ने के लिए नाकाबंदी भी लगा दी गई है।









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