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छत्तीसगढ़ में मानसून:प्रदेश में मानसून की पहली मूसलाधार बारिश, 24 घंटे में 230 मिमी से ज्यादा बरसा पानी

ये तस्वीर दंतेवाड़ा जिले के मलगेर नाले को पार करतीं बुरगुम गांव की छात्राओं की है। ये छात्राएं समेली आश्रम में पढ़ती हैं, जहां से राशन लाने के लिए इन्हें सोमवार को 15 किलोमीटर दूर पैदल जाना पड़ा। बारिश के कारण इन्हें मलगेर नाले को इसी तरह जान जोखिम में डालकर पार करना पड़ा। मानसून सीजन में पिछले 24 घंटे में जितनी बारिश हुई, उतनी जून से अब तक नहीं हुई थी। इस दौरान प्रदेश के कई शहरों और कस्बों में 230 मिमी (23 सेमी या करीब 7 इंच) पानी बरस गया। धमतरी और गुरूर आदि कस्बों में तो सड़कों पर दो-दो फीट पानी चला और उतरने में कई घंटे लग गए। आधा दर्जन से ज्यादा इलाकों में 100 मिमी से ज्यादा बारिश रिकार्ड की गई। मौसम विज्ञानियों ने मंगलवार को भी राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। ओड़िशा पर बने सिस्टम का रविवार सुबह से सोमवार सुबह तक पूरे राज्य पर असर रहा और लगभग सभी जगह अच्छी बारिश हो गई। सबसे ज्यादा 230.6 मिमी पानी गुरुर में बरस गया। यहां हर घंटे 10 मिमी के औसत से बारिश हुई, इस वजह से क्षेत्र के नदी-नाले और सड़कें कई घंटों तक पानी में डूबी रहीं।

यही स्थिति धमतरी में भी रही। इसके अलावा 20 से ज्यादा स्थानों पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी हुई। सोमवार को दिन में भी कुछ जगहों पर हल्की वर्षा हुई।

प्रदेश में जारी रहेगी हल्की बारिश
लालपुर मौसम केंद्र के मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा के अनुसार राजस्थान के बीकानेर, जयपुर मध्यप्रदेश के ग्वालियर, उत्तर-पूर्व मध्यप्रदेश तथा जमशेदपुर, कंटाई व उसके बाद दक्षिण-पूर्व की ओर उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक 0.9 किलोमीटर ऊंचाई एक मानसून द्रोणिका है। उत्तर-पूर्व मध्यप्रदेश और उसके आसपास एक निम्न दाब का क्षेत्र है। इनके प्रभाव से हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है।


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