उक्त आरोप की लिखित शिकायत बच्ची के परिजन ने जोंक थाने में की है। ज्ञात हो कि आरोपित के घर पर ही मजदूरी करने गई पीड़िता की मां को घटना की जानकारी देर शाम को तब हुई जब मासूम ने गुप्तांग में दर्द की बात अपनी मां को बताई। मां के पूछने पर धीरे-धीरे बच्ची ने पूरी घटना बताई।
मजदूरी कर भरण-पोषण कर रहे गरीब परिवार पर तो जैसे पहाड़ ही टूट पड़ा। आरोपित के परिजन ने पीड़िता के बेहतर इलाज की बात से आश्वस्त कराया, जिससे पीड़िता के परिजन ने तीन महीने तक चुप्पी साध ली। किंतु इलाज नहीं होने पर 22 दिसंबर के 2019 वे जोंक थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने आइपीसी की धारा 376 (एबी), 506, आरडब्लू सेक्शन 6, पोस्को एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपित को कोर्ट के सामने प्रस्तुत किया था। स्वास्थ्य का हवाले से आरोपित को जमानत मिल गई। जो फिलहाल गांव में निर्भय होकर घूम रहा है।
घटना को नौ महीना एवं शिकायत को छह माह बीत गया है। पीड़िता के परिजन मासूम बच्ची के इलाज के लिए दर दर भटक रहे हैं। रविवार को एक धर्मार्थ अस्पताल में इलाज के लिए पीड़िता के परिजन ने बच्ची को भर्ती कराया।
इस मामले में प्राथमिक चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। आरोपित को गिरफ्तार कर कोर्ट चलान किया गया था। उसे बरहमपुर जेल भेज दिया गया था। पीड़िता की एक अन्य रिपोर्ट दो दिन पहले आई है। अब मुख्य चार्जशीट जल्द न्यायालय में दाखिल की जाएगी। -









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